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विज्ञापन के शुभ दिन: ब्रांडों के लिए 2026–27 का त्योहारी मुहूर्त कैलेंडर

दशहरे पर गाड़ी, धनतेरस और अक्षय तृतीया पर सोना, गणेश चतुर्थी पर घर। अभी से दिवाली 2027 तक हर शुभ दिन, लोग क्या ख़रीदते हैं, और किस हफ़्ते आपका ब्रांड दिखना चाहिए।

PujaSathi23 Oct 20267 min read
विज्ञापन के शुभ दिन: ब्रांडों के लिए 2026–27 का त्योहारी मुहूर्त कैलेंडर

भारत में विज्ञापन का सबसे शुभ दिन आम तौर पर ख़ुद शुभ दिन नहीं होता। उससे पहले वाला हफ़्ता होता है।

भारतीय परिवार बड़ी ख़रीदारी शुभ दिन देखकर तय करते हैं। दशहरे पर गाड़ी, धनतेरस पर सोना, दिवाली पर नए बही-खाते, और देवउठनी एकादशी के बाद फिर से शादियों का मौसम। जब वह दिन आता है, तब तक ग्राहक तय कर चुका होता है कि कहाँ से ख़रीदना है। यह फ़ैसला पहले के कुछ दिनों में होता है, और ठीक उसी समय आपका विज्ञापन दिखना चाहिए।

इस गाइड में 2026 के त्योहारी मौसम और पूरे 2027 के शुभ दिन हैं, किस दिन लोग क्या ख़रीदते हैं, और आपके ब्रांड को कब से दिखना चाहिए।

विज्ञापनदाताओं के लिए शुभ दिन क्यों मायने रखते हैं

आँकड़े बताते हैं कि ख़रीदारी शुभ दिनों की ओर कितनी खिंचती है:

  • नवरात्रि 2025 गाड़ियों के लिए दस साल में सबसे अच्छी रही। डीलरों की संस्था FADA के अनुसार नवरात्रि के दौरान दोपहिया बिक्री 36% बढ़कर 8.3 लाख से ज़्यादा हो गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ मारुति सुज़ुकी ने इस दौरान 2 लाख से ज़्यादा गाड़ियाँ डिलीवर कीं। (उस साल GST घटने का फ़ायदा भी था, इसलिए यह सामान्य पैमाना नहीं है। असली बात त्योहार के दिन ख़रीदने की आदत है।)
  • दशहरा एक दिन में सबसे बड़ी डिलीवरी का दिन है। डीलर लंबे समय से कहते आए हैं कि ग्राहक दशहरे के दिन ही नई गाड़ी घर ले जाना चाहते हैं, और कई लोग श्राद्ध में ही बुकिंग कर लेते हैं ताकि उसी दिन डिलीवरी मिले। होंडा की दोपहिया कंपनी ने एक बार सिर्फ़ दशहरे के दिन एक लाख से ज़्यादा रिटेल बिक्री की जानकारी दी थी।
  • पूरा मौसम ही बहुत बड़ा है। नवरात्रि से दिवाली के अंत तक के लगभग 42 दिनों में साल भर की कार और दोपहिया बिक्री का क़रीब एक चौथाई हिस्सा होने का अनुमान है।

सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, घर, कपड़े और मिठाई में भी यही होता है। माँग कुछ दिनों पर सिमट जाती है, और उन दिनों लोग वही ब्रांड याद रखते हैं जिसे उन्होंने पहले के दिनों में देखा था।

2026 का शुभ-दिन कैलेंडर

तारीख़ें प्रचलित पंचांगों (दृक पंचांग और बंगाली पंजिका) के अनुसार हैं। समय शहर-दर-शहर बदलता है, इसलिए अगर सटीक मुहूर्त ज़रूरी है तो अपने स्थानीय पंचांग या पंडित से मिला लें।

| तारीख़ (2026) | शुभ दिन | लोग क्या ख़रीदते या करते हैं | कब से दिखें | |---|---|---|---| | 11–19 अक्टूबर | शारदीय नवरात्रि | कपड़े, गहने, गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स; गरबा | चल रही है, अभी | | मंगल 20 अक्टूबर | दशहरा (विजयादशमी), उत्तर भारत | गाड़ियाँ, नया कारोबार, प्रॉपर्टी बुकिंग | 13 अक्टूबर | | बुध 21 अक्टूबर | बिजोया दशमी, बंगाल | मिठाई, बिजोया की मुलाक़ातें और शुभकामनाएँ | 17 अक्टूबर | | रवि 25 अक्टूबर | कोजागरी लक्ष्मी पूजा, बंगाल और ओडिशा | घर की पूजा: मिठाई, पीतल और पूजा का सामान, बचत और वित्त | 18 अक्टूबर | | शनि 31 अक्टूबर – रवि 1 नवंबर | पुष्य नक्षत्र (दृक पंचांग के अनुसार) | सोना, चाँदी, प्रॉपर्टी और गाड़ी बुकिंग | 24 अक्टूबर | | शुक्र 6 नवंबर | धनतेरस | सोना, चाँदी, बर्तन, गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपकरण | 28 अक्टूबर | | रवि 8 नवंबर | दिवाली (लक्ष्मी पूजा) और काली पूजा | उपहार, मिठाई, सजावट, रोशनी, व्यापारियों के नए बही-खाते | 31 अक्टूबर | | 13–16 नवंबर | छठ पूजा | पूजा का सामान, फल, गन्ना, कपड़े; घर वापसी की यात्रा | 6 नवंबर | | बुध 18 नवंबर | जगद्धात्री पूजा (चंदननगर, कृष्णनगर) | रात में पंडाल दर्शन, खाना-पीना, यात्रा | 11 नवंबर | | शुक्र 20 नवंबर | देवउठनी एकादशी | शादियों का मौसम फिर शुरू: गहने, शादी के कपड़े, बैंक्वेट, कैटरर | 10 नवंबर | | मंगल 24 नवंबर | कार्तिक पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती, रास पूर्णिमा | गुरुपर्व, नदी किनारे मेले, नदिया का रास उत्सव | 17 नवंबर |

जिन दिनों परिवार ख़रीदारी से बचते हैं, वे भी मायने रखते हैं। कई हिंदू परिवार पितृ पक्ष (जो महालया पर ख़त्म हुआ) और खरमास में, यानी लगभग दिसंबर के मध्य से मकर संक्रांति (14–15 जनवरी) तक, नई ख़रीदारी नहीं करते। शादी, प्रॉपर्टी और गाड़ी के ग्राहक इन हफ़्तों में अक्सर फ़ैसला टाल देते हैं। इन कारोबारों को खरमास शुरू होने से ठीक पहले और ख़त्म होते समय विज्ञापन देना चाहिए, और बीच में कम ख़र्च करना चाहिए।

सात दिन का नियम

ज़्यादातर ख़रीदारी में ग्राहक शुभ दिन से 5–10 दिन पहले फ़ैसला करता है और ख़रीदता उसी दिन है। इसलिए:

  1. दो-तीन हफ़्ते पहले जगह बुक करें। आर्टवर्क की मंज़ूरी, छपाई और लगाने में समय लगता है।
  2. सात दिन पहले से दिखें। ऊपर की तालिका का "कब से दिखें" कॉलम यही है।
  3. उस दिन संदेश बदलें। पहले "आज बुक करें, धनतेरस पर डिलीवरी", और उस दिन "आधी रात तक खुला" या "ऑफ़र का आख़िरी दिन"।

पूजा पंडाल, होर्डिंग, व्हाट्सऐप कैंपेन या इंस्टाग्राम विज्ञापन, सब पर यही नियम लागू होता है। पंडालों का एक अतिरिक्त फ़ायदा है: शुभ दिन और पूजा की भीड़ एक ही हफ़्ते में आते हैं।

किस कारोबार के लिए कौन-सा शुभ दिन

| आपका कारोबार | सबसे मज़बूत दिन | कहाँ दिखें | |---|---|---| | गहने और सोना | पुष्य नक्षत्र, धनतेरस, देवउठनी एकादशी | काली पूजा और दिवाली के पंडाल, शादी वाले इलाक़ों में बैनर, LED स्क्रीन। ज्वेलरी गाइड | | कार और दोपहिया | नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस | नवरात्रि और दुर्गा पूजा में गेट और मंच, टेस्ट-ड्राइव स्टॉल। ऑटो डीलर गाइड | | इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण | धनतेरस, दिवाली | काली पूजा और दिवाली मेलों में स्टॉल और LED | | रियल एस्टेट | नवरात्रि, पुष्य, धनतेरस, अक्षय तृतीया | साइट-विज़िट डेस्क वाले स्टॉल। रियल एस्टेट गाइड | | मिठाई और खाना | बिजोया दशमी, कोजागरी, दिवाली, पोइला बोइशाख | दुकान के पास की मोहल्ले की पूजा में बैनर, सैंपलिंग | | कपड़े और साड़ियाँ | नवरात्रि, दुर्गा पूजा, पोइला बोइशाख, शादियों का मौसम | पूजा में क़तार के पैनल और मंच। साड़ी और एथनिक वियर गाइड | | बैंक, NBFC, बीमा | नवरात्रि से धनतेरस (लोन), कोजागरी (बचत) | हेल्प डेस्क और स्टॉल। बैंकिंग गाइड | | शादी से जुड़ी सेवाएँ | देवउठनी एकादशी के बाद | जगद्धात्री और रास के पंडाल, बैंक्वेट वाले इलाक़ों में बैनर |

2027 का शुभ-दिन कैलेंडर

त्योहारी मौसम सबसे बड़ा मौक़ा है, पर अकेला नहीं। 2027 में इन शुभ दिनों के हिसाब से योजना बनाएँ:

| तारीख़ (2027) | शुभ दिन | लोग क्या ख़रीदते या करते हैं | कब से दिखें | |---|---|---|---| | 14–15 जनवरी | मकर संक्रांति, पोंगल | फ़सल का त्योहार; खरमास ख़त्म, इसलिए शादी, प्रॉपर्टी और गाड़ी की ख़रीद फिर शुरू | 7 जनवरी | | गुरु 11 फ़रवरी | वसंत पंचमी, सरस्वती पूजा | छात्र, किताबें, नई शुरुआत | 4 फ़रवरी | | 21–22 मार्च | होली और दोल यात्रा | रंग, मिठाई, पेय, कपड़े, पार्टियाँ | 14 मार्च | | अप्रैल के मध्य में | पोइला बोइशाख, उगादि, विशु, बैसाखी | नववर्ष: हालखाता, नए कपड़े, सोना, गाड़ियाँ | 7 अप्रैल | | लगभग 8 मई | अक्षय तृतीया | सोना, प्रॉपर्टी, नया कारोबार | 1 मई | | सोम 5 जुलाई | रथ यात्रा | मेले; बंगाल में कई समितियाँ इसी दिन दुर्गा प्रतिमा का काठामो पूजन करती हैं, यानी दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू | 28 जून | | शनि 4 सितंबर | गणेश चतुर्थी | महाराष्ट्र में गाड़ियाँ, घर और इलेक्ट्रॉनिक्स; ग्यारह दिन पंडालों में भीड़ | 28 अगस्त | | रवि 12 सितंबर | ओणम | केरल का सबसे बड़ा ख़रीदारी का त्योहार | 5 सितंबर | | गुरु 30 सितंबर से | शारदीय नवरात्रि | कपड़े, गहने, गाड़ियाँ; गरबा | 23 सितंबर | | मंगल 5 – रवि 10 अक्टूबर | दुर्गा पूजा | कपड़े, खाना-पीना, उपहार, पंडाल दर्शन | 28 सितंबर | | शनि 9 अक्टूबर | दशहरा | गाड़ियाँ, नया कारोबार, प्रॉपर्टी बुकिंग | 2 अक्टूबर | | शुक्र 29 अक्टूबर | दिवाली और काली पूजा (दो दिन पहले धनतेरस) | सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपकरण, उपहार | 20 अक्टूबर |

2027 में दो बातें ख़ास हैं। नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली, सब 30 दिनों के अंदर हैं, इसलिए एक ही कैंपेन चारों में चल सकता है। और दुर्गा पूजा 2026 से लगभग बारह दिन पहले है, इसलिए आर्टवर्क और बुकिंग पहले तैयार रखनी होगी। हर त्योहार की बुकिंग की आख़िरी तारीख़ें त्योहारों में विज्ञापन के अवसर 2026–27 में हैं, और पूरा साल हमारे भारत के त्योहार मार्केटिंग कैलेंडर 2027 में।

"शुभ" के बारे में एक बात

शुभ दिन अपने आप किसी विज्ञापन को सफल नहीं बनाता। वह बस लाखों ख़रीदारों को एक ही कुछ दिनों में बाज़ार में ले आता है। क़िस्मत यहीं है। आपका काम है एक हफ़्ता पहले उनके सामने होना, ऐसी जगह जहाँ वे पहले से देख रहे हैं, और ऐसे ऑफ़र के साथ जो उनकी ख़रीदारी से मेल खाए।

पूजा पंडाल अक्सर ऐसी सबसे अच्छी जगह होते हैं, क्योंकि भीड़ और शुभ दिन साथ-साथ आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली 2026 में विज्ञापन का सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

धनतेरस शुक्रवार 6 नवंबर और दिवाली रविवार 8 नवंबर 2026 को है। धनतेरस से एक हफ़्ता पहले, लगभग 28 अक्टूबर से दिखना शुरू करें, क्योंकि ज़्यादातर ग्राहक दिन से पहले ही तय कर लेते हैं कि कहाँ से ख़रीदना है।

2026 में दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र कब है?

दृक पंचांग के अनुसार शनिवार 31 अक्टूबर की शाम से रविवार 1 नवंबर की सुबह तक। कुछ सूचियों में अक्टूबर की दूसरी तारीख़ भी दी गई है, इसलिए अपना स्थानीय पंचांग देख लें।

नया प्रोडक्ट या दुकान शुरू करने के लिए कौन-से दिन शुभ हैं?

कई कारोबारी नवरात्रि, दशहरा, अक्षय तृतीया, धनतेरस, दिवाली या पोइला बोइशाख चुनते हैं। सटीक मुहूर्त के लिए अपने पारिवारिक पंडित से पूछें, और लॉन्च से दो-तीन हफ़्ते पहले विज्ञापन की जगह बुक करें।

किन दिनों में विज्ञापन पर कम ख़र्च करना चाहिए?

पितृ पक्ष और खरमास (लगभग दिसंबर के मध्य से 14–15 जनवरी तक), जब कई परिवार बड़ी ख़रीदारी टाल देते हैं। इस दौरान शादी, प्रॉपर्टी और गाड़ियों की बिक्री आम तौर पर धीमी रहती है।

शुभ दिन से पहले का हफ़्ता बेहतर है या वह दिन ख़ुद?

बड़ी ख़रीदारी के लिए पहले का हफ़्ता, क्योंकि तभी ग्राहक दुकान या ब्रांड चुनता है। उस दिन विज्ञापन को याद दिलाने के लिए इस्तेमाल करें: "देर रात तक खुला", "आख़िरी दिन"।

अपने मौसम की योजना बनाएँ

ब्रांड और दुकानें: विज्ञापन के लिए खुली पूजाएँ और त्योहार देखें, काली पूजा, जगद्धात्री और इस साल की बाक़ी पूजाओं समेत।

पूजा समितियाँ: विज्ञापनदाता इन्हीं तारीख़ों के हिसाब से योजना बनाते हैं। वे कहीं और बुक करें, उससे पहले अपनी पूजा मुफ़्त लिस्ट करें।

यह भी पढ़ें: [त्योहारों में विज्ञापन के अवसर 2026–27](/blog/tyoharon-mein-vigyapan-ke-avsar-2026-2027) · [पूजा में विज्ञापन के 15 अवसर](/blog/puja-mein-vigyapan-ke-avsar) · [त्योहारी विज्ञापन बजट की योजना](/blog/festival-advertising-budget-planning-india)

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